भगत सिंह के जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिन्हें जानकर आओ हो जाएंगे हैरान। यह जनकारी आपने अभी तक नही पड़ी होंगी।

भगत सिंह कभी भी महात्मा गांधी के विचारो से प्रभावित नहीं थे। वे सिर्फ कार्ल मार्क्स और लेनिन की बुक ही पड़ते थे।

भगत सिंह को फांसी 24 मार्च 1931 को होनी थी लेकिन किसी वजह से यह फांसी 11 घंटे पहले ही मतलब 23 मार्च 1931 को दी गयी।

इंकलाब ज़िंदाबाद का नारा भगत सिंह ने नही बल्कि  मौलाना हसरत मोहानी ने दिया था लेकिन इसको सबसे पहले भगत सिंह ने 8 अप्रैल 1929 बोला था

भगत सिंह एक क्रांतिकारी होंने के साथ ही एक अच्छे लेखक भी थे। इन्होंने Why I Am Atheist नाम की एक पुस्तक भी लिखी थी।

भगत सिंग एक नारा जो है कि "सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है" इसके बहुत बड़े फैन थे।

यदि आप भगत सिंग के फैन हैं और उनकी लाइफ से जुड़े कुछ रोचक तथ्य को जानना चाहता है तो हमारे इस आर्टिकल को अवश्य पढ़े जिसका लिंक नीचे दिया गया है।।