योगी आदित्यनाथ ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस को लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ कहा है, लेकिन राहुल गांधी ने किया पलटवार दिखाई भारत की स्थिति l।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट साझा करते हुए। प्रेस मीडिया को डेमोक्रेसी का चतुर्थ स्तंभ कहा है। उन्होंने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर मीडिया में कार्यरत लोगो को भी हार्दिक शुभकामनाएं दी

योगी आदित्यनाथ ने X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि “प्रेस लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ है। सभी पत्रकार बंधुओं को ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ की हार्दिक बधाई! आप सभी निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ देश और समाज के हित में अपने पत्रकारिता धर्म का पालन करते रहें, इसी के साथ ढेरों शुभकामनाएं!”

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस

लेकिन भारत में विपक्ष पार्टी के तेजस्वी नेता राहुल गांधी ने योगी आदित्यनाथ सरकार को उनके भाषा में ही इसका उत्तर देते हुए X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि “2023 में विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत की रैंकिंग 180 देशों में 150 से गिरकर 161 हो गई।

“प्रेस हमारे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, लेकिन भारत में प्रेस की स्वतंत्रता एक नई गिरावट पर पहुंच गई है।”

“देश के लोकतंत्र पर हमला हो रहा है, हम इसकी रक्षा की प्रतिज्ञा लेते हैं।”

लोक सभा नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भारत में प्रैस की दुर्लभ स्थिति को लेकर काफी गंभीर पोस्ट साझा की है। हमे इसे हार्दिक शुभकामनाएं के साथ नही बल्कि गंभीरता से समझना चाहिए। अगर ऐसे ही भारत की प्रैस फ्रीडम इंडेक्स नीचे गिरते रही। तो भारत में करप्शन, मर्डर, रेप, चौरी जैसी समस्यों पर आवाज उठाने वाला कोई नहीं बचेगा। फिर शायद हमे यह दिन याद ना रहे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को इस बात को समझना चाहिए की वह इस बात को गंभीरता से ले, यह हार्दिक शुभकामनाएं का समय नहीं वल्कि पूरे वर्ल्ड में भारत की प्रैस इंडेक्स में स्थिति को सुधारने का समय है।

भारत का 2021 में वर्ल्ड प्रैस इंडेक्स में 142 स्थान था। लेकिन समय के साथ इसका स्थान गिरता चला गया। और 2022 में 150 वें स्थान के साथ, 2023 में 161 वें स्थान के चलते हुए। भारत की पूरी दुनिया में प्रैस फ्रीडम की स्थिति काफी क्षति ग्रस्त हुई है। लेकिन भारत के नेताओं ने इस प्रेस फ्रीडम को भी खुशी का त्यौहार मानते हुए इसकी बधाई दे रहे है।

 विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का इतिहास।

यूनेस्को के महाधिवेशन की मीटिंग के बाद दिसंबर 1993 में यूनाइटेड नेशन असेंबली द्वारा विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की घोषणा की गई थी। इसी दिन से 3 मई को दुनिया भर में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

30 वर्षों के बाद, सूचना मांगने, प्रदान करने और प्राप्त करने की स्वतंत्रता और सार्वजनिक भलाई के बीच ऐतिहासिक संबंध उतना ही प्रासंगिक बना हुआ है जितना कि इसके हस्ताक्षर के समय था। विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान 30वीं वर्षगांठ के विशेष स्मरणोत्सव की योजना बनाई गई है।

3 मई सरकारों को प्रेस स्वतंत्रता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का सम्मान करने की आवश्यकता की याद दिलाता है। यह प्रेस स्वतंत्रता और प्रोफेशनल नैतिकता के मुद्दों के बारे में मीडिया प्रोफेशनल के बीच चिंतन का दिन भी है। यह एक अवसर है:

1. प्रेस स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों का जश्न मनाने का

2. दुनिया भर में प्रेस स्वतंत्रता की स्थिति का आकलन करने का

3. मीडिया को उनकी स्वतंत्रता पर हमलों से बचाने का

4. उन पत्रकारों को श्रद्धांजलि देने का जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान गंवाई है।

 

योगी आदित्यनाथ जी द्वारा दी गई श्रद्धांजलि और हार्दिक बधाई!

आज 3 मई को योगी आदित्यनाथ जी ने जनप्रिय राजनेता, राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रबल समर्थक, ओजस्वी वक्ता, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रमोद महाजन की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। अपने X प्लेटफार्म पर योगी आदित्यनाथ जी ने लिखा कि “उत्कृष्ट राजनीतिक मूल्यों व माँ भारती की सेवा हेतु समर्पित आपका जीवन सभी के लिए अनन्य प्रेरणा है।”

योगी आदित्यनाथ जी ने ओड़िशा के माननीय राज्यपाल श्री रघुबर दास जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई दी। और लिखा कि “बाबा बैद्यनाथ से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ व सुयशपूर्ण जीवन की प्राप्ति हो।”

योगी आदित्यनाथ जी ने भाजपा परिवार की वरिष्ठ सदस्य एवं मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई दी। अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X प्रोफाइल हैंडल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि “बाबा महाकाल की कृपा से आपको स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की प्राप्ति हो, यही प्रार्थना है”

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